बाबा साहब के सिद्धांतों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि – संजय सिंह

SHARE:

शांति दूत न्यूज़. (उत्तर प्रदेश) चंदौली जिले के सदर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा बिसौरी के वीरसिंहपुर मौजा के आराजी संख्या 160, में शनिवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा साहब के विचारों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सदर के “ब्लाक प्रमुख” संजय सिंह ने कहा कि बाबा साहब का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं था, बल्कि एक संगठित और सुरक्षित भारत का निर्माण करना था। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक महान विचारधारा और युगपुरुष थे। उनकी जयंती मनाना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारना—यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आगे उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अनेक कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारत के संविधान के शिल्पी बने। वे जाति-पाति से ऊपर उठकर मानवता और समानता के समर्थक थे, जिसके कारण आज पूरी दुनिया उन्हें सम्मान और श्रद्धा से नमन करती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का जीवन लंबा नहीं, बल्कि महान होना चाहिए। इस दौरान अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को शिक्षित और संस्कारित बनाएं, ताकि वे बाबा साहब के पदचिह्नों पर चलकर देश और समाज का नाम रोशन कर सकें। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी रमेश सिंह ने कहा कि नशाखोरी और कामचोरी समाज को खोखला कर रही है। उन्होंने लोगों से इन बुराइयों का त्याग कर अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया, जिससे समाज की उन्नति संभव हो सके। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व एम एल सी अरविंद सिंह ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सिद्धांतों की सराहना किए। वहीं भाजपा सदर के मंडल अध्यक्ष विवेक सिंह धीरज ने कहा कि कुछ लोग समाज में बच्चों के बीच ऐसी बातें करते हैं कि उनके मन विसंगति उत्पन्न होती है और वह भटक जाते हैं। इस लिए हमें हमेशा इसका ध्यान रखना चाहिए और उनके अंदर अच्छे संस्कार का सृजन करना चाहिए। संचालन कर रहे पंचम राम ने कहा कि बाबा साहब ने अपनी शिक्षा के बल पर देश और समाज को बहुत कुछ दिया, लेकिन बदले में कुछ नहीं लिया। उन्होंने समाज में व्याप्त एक गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कई लोग शाम को शराब पीने के लिए पैसे का इंतजाम कर लेते हैं, लेकिन अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने में पीछे हट जाते हैं। यह प्रवृत्ति समाज के भविष्य के लिए घातक है।उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा,“आधी रोटी खाएंगे, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाएंगे।”कार्यक्रम में प्रबंधक, अंबिका राव सुमन, जय प्रकाश,विजय बहादुर सिंह, खरपत कन्नौजिया, विजय बहादुर निराला, राजाराम, धर्मराज राही, लालजी, मुन्ना राम, जितेन्द्र प्रताप, बाबूलाल, दुलारे राम, अमरनाथ, छोटेलाल,निर्मल राम, सहित गांव के अनेक गणमान्य लोग, अभिभावक एवं युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

 

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई