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बता दें कि ट्रामा सेंटर में निर्धारित सफाई क्षेत्र को स्टोर रूम में तब्दील कर दिया गया है, जबकि ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के आसपास चूहों की आवाजाही देखी जा रही है। इस स्थिति को लेकर हड्डी रोग विभाग के चिकित्सकों ने भी चिंता व्यक्त की है। हड्डी रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अमित रस्तोगी तथा डॉ अजीत सिंह ने बताया कि आपरेशन थियेटर में अक्सर चूहे देखे जा हैं, जिनसे संक्रमण फैलने का खतरा तथा आपरेशन में प्रयोग किए जाने वाले सामानों की क्षति हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, सफाई उपकरणों और कीटाणुनाशक सामग्री के लिए निर्धारित स्थान पर अन्य सामान रख दिए जाने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नियमित रखरखाव और प्रभावी कीट नियंत्रण के अभाव में अस्पताल परिसर में चूहों की संख्या बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार ऑपरेशन थिएटर के आसपास भी चूहों को देखा गया है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।विशेषज्ञों के अनुसार, ऑर्थोपेडिक सर्जरी के दौरान मरीजों के शरीर में प्लेट, रॉड और अन्य इम्प्लांट लगाए जाते हैं। ऐसे मामलों में संक्रमण की आशंका सामान्य मरीजों की तुलना में अधिक गंभीर होती है। यदि ऑपरेशन थिएटर का वातावरण पूरी तरह सुरक्षित और संक्रमणमुक्त न हो, तो मरीजों को दोबारा सर्जरी तक करानी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चूहे केवल अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था के लिए ही खतरा नहीं हैं, बल्कि वे विद्युत तारों, दवाओं और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनके मल-मूत्र और बालों के माध्यम से बैक्टीरिया एवं वायरस फैलने की आशंका बनी रहती है, जिससे घावों में संक्रमण, फूड पॉइजनिंग और अन्य संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। हड्डी रोग विभाग से जुड़े चिकित्सकों का मानना है कि ऑपरेशन थिएटर जैसी अति संवेदनशील जगहों पर स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए। अस्पताल प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सफाई क्षेत्र को उसके मूल उद्देश्य के लिए बहाल करने, चूहों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने तथा संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है। इस बारे में पूछे जाने पर चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ एस एन शंखवार ने कहा कि इस बारे में ट्रामा सेंटर के इंचार्ज डॉ सौरभ सिंह को तत्काल संज्ञान में लेते हुए वहां आवश्यक स्वच्छता का प्रबंध करना चाहिए । वहीं स्वास्थ्य जगत के जानकारों का कहना है कि अस्पताल में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता मरीजों के जीवन के साथ जोखिम पैदा कर सकता है।WhatsApp us