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जगह-जगह आयोजित कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय परशुराम” के जयघोष से गुंजायमान रहा। जिला मुख्यालय स्थित माँ शारदा लॉन में भगवान परशुराम सेवा समिति के तत्वावधान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विप्र समाज के लोग शामिल हुए। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण पूरा परिसर आस्था और उत्साह से सराबोर नजर आया। समारोह की शुरुआत भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई।
इसके पश्चात समिति के पदाधिकारियों द्वारा वैदिक ब्राह्मणों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। इस दौरान विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई।कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज का कर्तव्य है कि वह अपने ज्ञान, संस्कार और धर्म के माध्यम से समाज को सही दिशा प्रदान करे। साथ ही यह भी आह्वान किया गया कि जो लोग अपने कर्तव्यों से विमुख हो रहे हैं, वे आत्मचिंतन कर पुनः सत्य और धर्म के मार्ग पर अग्रसर हों।वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेते हुए सत्य, सदाचार और सामाजिक समरसता को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम, जिन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, न्याय और धर्म की स्थापना के प्रतीक रहे हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए सदैव सजग और प्रतिबद्ध रहना चाहिए। इस अवसर पर सभी ब्राह्मण समाज के लोगों से एकजुट रहने, एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने और समाज की उन्नति के लिए निरंतर कार्य करने की अपील की गई। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष सत्यमूर्ति ओझा, उपाध्यक्ष नन्द शंकर पाठक एवं नारायण तिवारी, सचिव पंकज पाण्डेय, विस्तारक जीतेन्द्र तिवारी, कोषाध्यक्ष अनूप तिवारी, मीडिया प्रभारी आनन्द उपाध्याय सहित डॉ. शशिकांत मिश्र, शिवम दूबे, अशोक मिश्र, अजय मिश्र, मिथिलेश पाण्डेय, डॉ. के.एन. पाण्डेय, श्रीराम द्विवेदी, राघवेंद्र द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य संजय पाण्डेय, जीतेन्द्र पाण्डेय, आशुतोष तिवारी, रवि तिवारी, अनिल पाण्डेय, भावेश त्रिपाठी, विनय प्रकाश तिवारी, नीरज तिवारी, धीरज चौबे समेत हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से हुआ, जिसमें समिति के स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।WhatsApp us