बीएचयू में बनेगा एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का फील्ड स्टेशन: शोध और जैव-सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया आयाम

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शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) वाराणसी,  काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शोध और शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के जन्तु विज्ञान विभाग में जल्द ही एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएनएसआई) का फील्ड स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय और एएनएसआई के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं। यह घोषणा बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और एएनएसआई के निदेशक प्रो. बी. वी. शर्मा ने विज्ञान संस्थान में आयोजित एक संगोष्ठी के समापन समारोह के दौरान संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने इस पहल का स्वागत किया।

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एमओयू के तहत दोनों संस्थान अंतर-विषयक अनुसंधान, शिक्षा और जैव-सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के क्षेत्र में मिलकर कार्य करेंगे। इस सहयोग से मानवविज्ञान, जैवविज्ञान और सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में नए शोध अवसर विकसित होंगे। कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने इसे दोनों संस्थानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का प्रतीक बताते हुए कहा कि फील्ड स्टेशन की स्थापना से जैविक और सांस्कृतिक मानवविज्ञान के क्षेत्र में बीएचयू की क्षमता कई गुना बढ़ेगी। वहीं, प्रो. बी. वी. शर्मा ने कहा कि बीएचयू की उत्कृष्ट शोध परंपरा इस साझेदारी को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। गौरतलब है कि एएनएसआई की स्थापना वर्ष 1945 में हुई थी और यह अपनी तरह की पहली सुविधा होगी जो बीएचयू परिसर में स्थापित की जा रही है। लगभग 81 वर्षों बाद काशी में एएनएसआई की पुनः उपस्थिति दर्ज होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल न केवल शोध और शिक्षा को नई दिशा देगी, बल्कि देश की जनजातीय, सांस्कृतिक और जैव-सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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