रामनाथ गोयनका पुरस्कार में निडर पत्रकारिता को सराहते हुए विजेता पत्रकारों को सम्मानित किए उप राष्ट्रपति

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कार्यक्रम में अपना वक्तव्य देते हुए उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन

शांति दूत न्यूज़. (नई दिल्ली) उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने राजधानी नई दिल्ली में द इंडियन एक्सप्रेस समूह द्वारा आयोजित रामनाथ गोयनका उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार के 20वें संस्करण में पत्रकारिता के साहस, निष्पक्षता और लोकतंत्र में उसकी अहम भूमिका पर जोर दिया।

उप राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट करते विवेक गोयनका एवं अनंत गोयनका

तथा उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये पुरस्कार केवल पेशेवर उत्कृष्टता का सम्मान नहीं, बल्कि निडर, सिद्धांतनिष्ठ और जनपक्षधर पत्रकारिता की स्थायी भावना का प्रतीक हैं। उन्होंने रामनाथ गोयनका को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी पत्रकारिता सत्य, स्वतंत्रता और साहस की मिसाल रही है। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन और आपातकाल (भारत) जैसे कठिन दौर में गोयनका के योगदान को याद किया। आपातकाल के दौरान “खाली संपादकीय” प्रकाशित कर उन्होंने मौन के माध्यम से प्रेस की स्वतंत्रता का सशक्त संदेश दिया।उपराष्ट्रपति ने कहा कि बहस और असहमति का उद्देश्य राष्ट्रहित में निर्णय लेना होना चाहिए, न कि व्यवधान उत्पन्न करना। उन्होंने मीडिया से औपनिवेशिक मानसिकता छोड़कर भारतीय दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। समारोह में 18 श्रेणियों में 25 पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रमुख विजेताओं में हिंदी प्रिंट के लिए अवधेश अकोदिया, डिजिटल/ब्रॉडकास्ट के लिए सर्वप्रिया सांगवान, राजनीति और सरकार रिपोर्टिंग के लिए दीप्तिमान तिवारी तथा फीचर लेखन के लिए विधीशा कुंतमल्ला शामिल रहे। निर्णायक मंडल में बी. एन. श्रीकृष्ण, सी. राज कुमार, के. जी. सुरेश, रोहिणी नीलेकणी और एस. वाई. कुरैशी जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल रहे। पत्रकारिता पर अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि मीडिया को संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए देश की चुनौतियों के साथ-साथ उपलब्धियों, नवाचार और जमीनी बदलावों को भी प्रमुखता देनी चाहिए। उन्होंने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि रामनाथ गोयनका की विरासत भारत में स्वतंत्र, साहसी और जिम्मेदार पत्रकारिता को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। कार्यक्रम में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के चेयरमैन, विवेक गोयनका एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर , अनंत गोयनका भी शामिल रहे। रामनाथ गोयनका भारतीय पत्रकारिता के अग्रणी स्तंभों में से एक थे। उनका जन्म: 1904, में दरभंगा (बिहार) हुआ था। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी सक्रिय भूमिका रही तथा संविधान सभा के सदस्य के साथ इंडियन एक्सप्रेस समूह के संस्थापक रहे जो कि आपातकाल के दौरान प्रेस स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र की रक्षा का सशक्त माध्यम बनाया।द इंडियन एक्सप्रेस समूह के अंतर्गत विभिन्न भाषाओं और विषयों पर आधारित प्रमुख समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं—

  • The Indian Express : देश का प्रमुख अंग्रेजी दैनिक, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों के लिए जाना जाता है।

  • Jansatta : हिंदी भाषा का प्रतिष्ठित दैनिक अखबार, जो गंभीर और विश्लेषणात्मक पत्रकारिता के लिए प्रसिद्ध है।

  • Loksatta : मराठी भाषा का प्रमुख अखबार, जिसकी महाराष्ट्र में मजबूत पकड़ है।

  • The Financial Express : यह अखबार मुख्य रूप से व्यापार, अर्थव्यवस्था, बाजार और कॉर्पोरेट जगत की खबरों पर केंद्रित है।

  • इन प्रकाशनों ने देश में निष्पक्ष, खोजी और प्रभावशाली पत्रकारिता की मजबूत परंपरा स्थापित की है।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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