सोशल मीडिया से सीखकर जाली नोट छापने वाले तीन गिरफ्तार, जाली नोट एवं छापने का सामान बरामद

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शांति दूत न्यूज़. (उ.प्र.) चंदौली जिले की अलीनगर पुलिस तथा स्वाट/सर्विलांस टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कि सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म से जाली नोट छापने की कला को सीखे और फिर चंद रोज में करोड़ पति बनने के अपने सपनों को साकार करने में जुट गए।

लेकिन पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार करते हुए इसमें शामिल दो नाबालिगों को अभिरक्षा में भेज दिया। गिरोह के पास से भारी मात्रा में जाली नोट, अर्धनिर्मित नोट और नोट छापने के अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। मुगलसराय के सी ओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अलीनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय तथा स्वाट/सर्विलांस टीम के प्रभारी निरीक्षक रामजनम यादव अपने सहयोगियों के साथ संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मानस नगर गेट के पास एक मकान में जाली नोट छापे जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल दबिश दी गई, जहां कमरे में मौजूद लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान मौके से 100 रुपये के 55 जाली नोट, सैकड़ों अर्धनिर्मित नोटों की शीट, वाटरमार्क पेपर और प्रिंटर, लैपटॉप, लैमिनेटर सहित कई उपकरण बरामद हुए। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह घर के अंदर ही ‘मिनी नोट फैक्ट्री’ चलाकर जाली नोट तैयार कर रहा था। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी उधम सिंह यादव ने खुलासा किया कि उसने यूट्यूब और गूगल के माध्यम से जाली नोट छापने की तकनीक सीखी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में आए लोगों की मदद से उपकरण जुटाए गए और फिर नोटों की छपाई शुरू की गई। आरोपी जाली 3500 रुपये के बदले 1000 रुपये असली मुद्रा में लेता था। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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