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आश्रम के संचालक विश्वनाथ भाई एवं बाबूलाल ने बताया कि यह कोई नया कार्य नहीं है। बापू जी खुद इस सनातन शास्त्रोक्त कर्म को करते हुए अपने देश विदेश के सभी शिष्यों को इस कर्म को अवश्य करने के लिए कहते रहे हैं।
तथा जिसे कोई परेशानी या असुविधा हो उसके लिए सभी आश्रमों पर विद्वान ब्राह्मणों को बुलाकर सभी का विधि पूर्वक सामूहिक श्राद्ध कर्म कराया जाता है। उसी के तहत रविवार को अनौरा आश्रम पर सैकड़ों साधकों ने श्रीमद्भागवत गीता का पाठ होने के बाद अपने पितृों की सद्गति के लिए तर्पण तथा श्राद्ध आदि कर्म किया। 
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