राष्ट्रीय पोषण माह पर पं. कमलापति त्रिपाठी महाविद्यालय में लगा मिलेट व्यंजनों का मेला, छात्राओं ने सीखी कलात्मकता और पोषण का महत्व

SHARE:

Shantidootnews उत्तरप्रदेश,चंदौली जिला मुख्यालय पर स्थित पं. कमलापति त्रिपाठी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 24 सितंबर बुधवार को गृह विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. रितु खरवार के निर्देशन में राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के मोटे अनाज (मिलेट्स) से बने पौष्टिक व्यंजन तैयार किए और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 18 से 20 सितम्बर तक आयोजित कौशल विकास कार्यशाला की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें छात्राओं को पिडिलाइट कंपनी से आई हस्त शिल्प कला की विशेषज्ञ सुषमा सिंह द्वारा विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया। बुधवार को कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा बनाई गई कलाकृतियाँ और प्रिंटिंग के नमूने प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम में मिशन शक्ति के अंतर्गत  डॉ. रितु खरवार ने छात्राओं को पोषण और महिलाओं के सशक्तिकरण के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि मोटे अनाजों में पाए जाने वाले प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और विटामिन्स न केवल शरीर को सशक्त बनाते हैं, बल्कि डायबिटीज, एनीमिया और हृदय रोगों से भी बचाव करते हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे संतुलित और पौष्टिक आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्राओं को घर में लगने वाले सजावटी मिरर, फैंसी चादर डिजाइन, पूजा के लिए सजावटी थाली, अगर बत्ती स्टैंड पेंटिंग, आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। जिससे यदि उन्हें बेरोजगारी का सामना न करना पड़े। वहीं कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य सुकृति मिश्रा द्वारा छात्राओं की प्रदर्शनी तथा उनके द्वारा तैयार खाद्य पदार्थो की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि सभी छात्र छात्राओं में प्रतिभा होती है। जिसे पहचानते हुए अपनी लगन से तत्पर होकर उसमें निखार लाने का प्रयास करना चाहिए। जिसने इसे समझा वह सफलता के सिखर तक पहुंच जाता है। कार्यक्रम में प्रो. पंकज कुमार झा, अशोक कुमार यादव, रविंद्र यादव, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. सुमना मुखर्जी, डॉ. रविकांत भारद्वाज, अमित कुमार, दिलशाद अंसारी, अमित कुमार विश्वकर्मा, डॉ. अनुराधा पांडे, विनोद कुमार एवं श्रीमती भावना जयसवाल सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

Leave a Comment