मेडिकल काउंसिल ने मेडिकल अफसर प्रशांत कुमार द्वारा कथित रूप से हड्डी रोग विभाग में अवैध तरीके से ओपीडी एवं ओटी संचालन के मामले में पुनः जांच के निर्देश रजिस्ट्रार को दिए हैं।
शांति दूत न्यूज़. (उ.प्र.)वाराणसी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के हड्डी रोग विभाग में तैनाती और ड्यूटी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि डॉ. सौरभ सिंह बिना किसी वैध नोटिफिकेशन अथवा प्रशासनिक आदेश के हड्डी रोग विभाग की ओपीडी और ओटी में कार्य कर रहे हैं, जबकि उनकी मूल नियुक्ति ट्रॉमा ऑर्थो विभाग में बताई गई है। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि ट्रॉमा ऑर्थो इमरजेंसी सेवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है, लेकिन डॉ. सौरभ सिंह वहां नियमित ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। आरोप यह भी लगाया गया कि जिस दिन उनकी हड्डी रोग विभाग में ओपीडी और ऑपरेशन की ड्यूटी रहती है, उस दिन उनकी जगह मेडिकल अफसर कुमार प्रशांत सिंह को इमरजेंसी सेवाओं में लगाया जाता है, जबकि उनकी तैनाती केवल इमरजेंसी कार्यों के लिए है। मामले में यह भी कहा गया कि इस संबंध में पूर्व में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को साक्ष्य उपलब्ध कराए गए थे, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई के निर्देश चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक को दिए गए थे। आरोप है कि निष्पक्ष जांच के बजाय एक कथित फर्जी रिपोर्ट तैयार कर काउंसिल को भेज दी गई। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि वर्तमान कार्यवाहक रजिस्ट्रार के प्रभाव में पुनः वही रिपोर्ट भेजी जा सकती है। प्रेस विज्ञप्ति में कुलपति से मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच किसी निष्पक्ष और सक्षम अधिकारी से कराई जाए, ताकि हड्डी रोग विभाग और ट्रॉमा सेंटर की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि ड्यूटी व्यवस्था में अनियमितताओं का असर इमरजेंसी मरीजों के उपचार पर पड़ रहा है।