शांति दूत न्यूज़. चंदौली, प्रदेश की न्यायिक अधोसंरचना देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रही है। मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि प्रदेश में प्रस्तावित 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स की कार्ययोजना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेगी।
उन्होंने इसे न्याय तक आमजन की आसान और त्वरित पहुँच की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। चंदौली जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित “एकीकृत न्यायालय परिसर” के निर्माण के लिए चयनित भूमि का मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजन किया उसके बाद चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया—इन छह जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण का आज औपचारिक शुभारंभ किया गया।
सीजेआई ने कहा कि संविधान में जिला न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य त्वरित न्याय सुनिश्चित करना था और ये आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स “न्याय के मंदिर” के रूप में आम जनता की सेवा करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि ये परिसर अगले 50 वर्षों तक न्यायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होंगे। साथ ही, महिला अधिवक्ताओं के लिए पृथक बार और प्रत्येक कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य न्यायाधीश का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा,“लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना अनिवार्य है।





