शांति दूत न्यूज़.नई दिल्ली, 5 जून, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के सहयोग से चुनाव के दौरान मीडिया विनियमन एवं सूचना की विश्वसनीयता विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। आईआईआईडीईएम सभागार में आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में मीडिया, तकनीक और सूचना प्रबंधन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन के समापन अवसर पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के बीच संवाद, विचार-विमर्श और वैश्विक अनुभवों का आदान-प्रदान भविष्य में चुनावी मीडिया विनियमन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक रिपोर्ट तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा। सम्मेलन में शिक्षा, मीडिया, प्रौद्योगिकी, कानून, लोक प्रशासन तथा निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। विभिन्न सत्रों में चुनावी गलत सूचना, भ्रामक प्रचार, सूचना की अखंडता, प्लेटफॉर्म गवर्नेंस, कंटेंट मॉडरेशन, तथ्य-जांच प्रणाली, कृत्रिम मीडिया तथा संकट संचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।विशेषज्ञों ने डिजिटल युग में तेजी से फैल रही गलत और भ्रामक सूचनाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की जवाबदेही, तथ्य-जांच की मजबूत व्यवस्था तथा त्वरित संकट संचार तंत्र विकसित करना समय की आवश्यकता है। सम्मेलन में सहायक प्रोफेसर डॉ. आकांक्षा कौशिक, आईआईआईडीईएम के महानिदेशक राकेश कुमार वर्मा, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुमार सहित अनेक विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान आयोजन में सहयोग देने वाले संस्थानों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना भी की गई।विशेषज्ञों ने समावेशी संचार, मीडिया साक्षरता और सामाजिक सहनशीलता को मजबूत करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संस्थागत और तकनीकी उपायों को और प्रभावी बनाना आवश्यक है।