शांति दूत न्यूज़. (उ.प्र.) चंदौली रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन की पहल से प्रदेश भर के उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है। अब विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने हेतु विकास शुल्क में 50 प्रतिशत से लेकर 55 प्रतिशत तक की कमी कर दी गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पहले इन क्षेत्रों में उद्योग के लिए भूखण्ड का मानचित्र स्वीकृत कराने में अत्यधिक विकास शुल्क देना पड़ता था। पूर्वांचल में जहां एक ओर यूपीसीडा का मानचित्र स्वीकृति शुल्क लगभग 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर था, वहीं विकास प्राधिकरण का शुल्क 1100 से 1500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच जाता था। इस भारी अंतर के कारण उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य ने बताया कि पिछले एक वर्ष से इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद सहित संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर कई बार प्रतिवेदन सौंपा। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से आवास विभाग द्वारा एक समिति गठित की गई, जिसने समीक्षा के बाद पूरे प्रदेश में उद्योगों के लिए विकास शुल्क को आधे से भी कम कर दिया। एसोसिएशन ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद, प्रमुख सचिव (उद्योग) आलोक कुमार तथा लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश को धन्यवाद ज्ञापित किया। पदाधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया आसान होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय लखमानी, धीरज अग्रवाल, सौरभ शाह, देव भट्टाचार्य, विनम्र अग्रवाल, अजय राय, अमित गुप्ता और भारत जोतवानी उपस्थित रहे।