शांति दूत न्यूज़. नई दिल्ली। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले ने अब न्यायिक स्तर पर नया मोड़ ले लिया है।
इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के हिंदी समाचार पत्र जनसत्ता के कार्यकारी संपादक मुकेश भारद्वाज द्वारा लिखी गई थ्रिल, सस्पेंस से भरपूर जासूसी उपन्यास राजमहल अवश्य पढ़ें
सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने निर्देश दिया कि SIT अगली सुनवाई से पूर्व जांच की वर्तमान स्थिति, गठन की प्रक्रिया तथा अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच की प्रगति से संबंधित सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को रिपोर्ट में शामिल किया जाए। सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता ने न्यायालय को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले की जांच के लिए पहले ही विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर चुकी है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से न्यायालय में उपस्थित हैं। पीठ ने उनसे पूछा कि क्या वे केंद्र सरकार की ओर से भी नोटिस स्वीकार करेंगे, जिस पर उन्होंने सहमति व्यक्त की। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया गया है। केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को इस चरण में अलग से नोटिस जारी नहीं किया गया है। सॉलिसिटर जनरल ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार मामले की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग करेंगी। अब इस प्रकरण पर सबकी निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब SIT अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करेगी। इसके बाद न्यायालय जांच की प्रगति और आगे की कार्यवाही पर निर्णय लेगा। यह मामला न केवल कानूनी बल्कि जन-आस्था से भी जुड़ा होने के कारण व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।