इंसाइडर की सूचना पर रची गई थी पूरी साजिश, चंदौली पुलिस ने CCTV और सर्विलांस के जरिए किया सनसनीखेज खुलास
शांति दूत न्यूज़. उ.प्र.चंदौली, जल्दी अमीर बनने और महंगे शौक पूरे करने की चाहत ने पढ़ाई करने वाले छात्रों को अपराध की दुनिया में धकेल दिया। चंदौली पुलिस ने पड़ाव-भोजपुर मार्ग पर हुई ₹1.34 लाख की सनसनीखेज लूटकांड का सफल खुलासा करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹60 हजार नगद, घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और लूटा गया बैग बरामद किया है।
अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में थाना मुगलसराय पुलिस, एसओजी, सर्विलांस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ग्राम चौरहट स्थित ओ.पी. गार्डेन के सामने घेराबंदी कर अभियुक्तों को दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान आर्यन श्रीवास्तव, शिवांग पाण्डेय, मोहम्मद तारिक अंसारी उर्फ आर्यन तथा देव सरकार उर्फ दयाल के रूप में हुई है। सभी आरोपी वाराणसी और बिहार क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। उन्होंने बताया कि 21 मई 2026 को वाराणसी निवासी महताब अहमद, जो एक फर्म में मुनीब का कार्य करते हैं, विभिन्न दुकानदारों से वसूली कर लौट रहे थे। इसी दौरान पड़ाव-भोजपुर मार्ग पर बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में लगभग ₹1.34 लाख रुपये मौजूद थे। घटना के बाद पुलिस ने करीब 25 किलोमीटर क्षेत्र में लगे 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आकाश यादव नामक युवक, जो खुद वसूली का कार्य करता था, ने मुनीब के आने-जाने और पैसों की जानकारी अपने साथियों को दी थी। इसके बाद सभी ने मिलकर रेकी कर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे पढ़ाई करने वाले छात्र हैं, लेकिन जल्द पैसा कमाने और अपने शौक पूरे करने के लालच में इस अपराध में शामिल हो गए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लूट की रकम छह लोगों में बांटी गई थी और कुछ रुपये खर्च भी कर दिए गए थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर रास्ते में फेंका गया बैग भी बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त दोबारा किसी अन्य व्यक्ति से लूट की वारदात करने की फिराक में निकले थे, तभी उन्हें दबोच लिया गया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।