वाराणसी बना रीढ़ शल्य चिकित्सा का राष्ट्रीय केंद्र: “ए टू ज़ेड ऑफ स्पाइन सर्जरी” विषय पर 12वां यूपीओए विशेष पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

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शांति दूत न्यूज़. (उ.प्र.) वाराणसी में अस्थि रोग विभाग एवं वाराणसी आर्थोपेडिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में “ए टू ज़ेड ऑफ स्पाइन सर्जरी” विषय पर 12वां यूपीओए विशेष पाठ्यक्रम 18 एवं 19 अप्रैल को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। दो दिवसीय इस शैक्षणिक आयोजन में देशभर से आए रीढ़ शल्य चिकित्सा के विशेषज्ञों ने सहभागिता कर इसे ज्ञान-विनिमय एवं अकादमिक चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बनाया।इस कार्यक्रम का आयोजन आयोजन सचिव डॉ. संजय यादव, आयोजन अध्यक्ष प्रो. अजीत सिंह तथा सह-आयोजन सचिव डॉ. शुभम श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। उनके कुशल निर्देशन में पूरे कार्यक्रम का सुचारु एवं उच्चस्तरीय संचालन सुनिश्चित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुधीर कुमार श्रीवास्तव (पूर्व विभागाध्यक्ष, Seth G.S. Medical College, मुंबई) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राम चड्ढा उपस्थित रहे। प्रो. श्रीवास्तव वर्तमान में Association of Spinal Surgeons of India के अध्यक्ष भी हैं। इस पाठ्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों—मदुरै, पटना, मुंबई, AIIMS New Delhi, गुवाहाटी तथा पीजीआई चंडीगढ़—से आए विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कुल मिलाकर 100 से अधिक प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही। वैज्ञानिक सत्रों में रीढ़ शल्य चिकित्सा के मूल सिद्धांतों से लेकर अत्याधुनिक ऑपरेशन तकनीकों तक विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की थीम के अनुरूप विषयों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया गया, जिससे प्रतिभागियों को इस क्षेत्र की समग्र एवं गहन जानकारी प्राप्त हुई।कार्यक्रम का समापन प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव के प्रेरणादायक संबोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर अध्ययन, नैतिक आचरण तथा नवाचार के महत्व पर विशेष बल दिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन वाराणसी को आर्थोपेडिक उत्कृष्टता के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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