चंदौली: 13 साल बाद पाक्सो मामले में वांछित 50 हजार का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार

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शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) अपराधियों और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चंदौली जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग 13 वर्षों से फरार चल रहे पॉक्सो एक्ट के एक वांछित एवं 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को मुगलसराय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2013 में मुगलसराय थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने अपनी पुत्री के साथ छेड़खानी, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में रंजय सिंह नामक व्यक्ति के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना मुगलसराय में मुकदमा विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर अभियुक्त के विरुद्ध कार्रवाई की गई, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया और लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा। अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने मफरूरी में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। बाद में 11 जुलाई 2022 को न्यायालय द्वारा उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया गया। पुलिस के अनुसार फरारी की अवधि को देखते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी पर पहले 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद वह लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान मुखबिर की सूचना पर 20 जून को मुगलसराय थाना पुलिस ने गोबरिया प्लांट डिपो क्षेत्र में घेराबंदी कर अभियुक्त रंजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2013 में मुकदमा दर्ज होने के बाद वह गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर फरार हो गया था। पिछले लगभग 13 वर्षों से वह हिमाचल प्रदेश में रहकर मजदूरी और अन्य कार्य कर जीवनयापन कर रहा था। उसे लगा कि मामला पुराना हो चुका है, इसलिए वह वापस घर लौट आया, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान रंजय सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह निवासी गोबरिया, थाना मुगलसराय, जनपद चंदौली के रूप में हुई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक शिव पूजन बिंद तथा कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे। पुलिस द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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