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जिसको संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश एवं सचिव राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग नई दिल्ली को जांच करने के लिए आदेश दिया गया है। अधिवक्ता हरिकेश बहादुर सिंह ने बताया कि विगत 11 जुलाई 2025 को समस्त संकाय प्रमुख चिकित्सा विज्ञान के सभी सदस्यों की बैठक भी हुई थी। जिसमें डॉ सौरभ सिंह को हटाने का निर्णय हुआ था।

उक्त बैठक के बाद निदेशक द्वारा कुलपति को पत्र भेजे गए थे ,परंतु कुलपति द्वारा आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा जा रहा है कि तमाम विवाद के आरोप की भिन्न-भिन्न एजेंसियों द्वारा जांच चल रही है, अपराधिक मुकदमा महिलाओं के उत्पीड़न का मुकदमा भी न्यायालय में विचाराधीन है, कहा जा रहा है कि डॉ सौरभ सिंह अपने को बी एच यू के सर सुंदर लाल चिकित्सालय का अधीक्षक बनने के लिए आवेदन भरे थे। जिनके कार्यप्रणाली को देखते हुए निदेशक चिकित्सा विज्ञान संस्थान ने इनको योग्य नहीं समझा उनके फार्म को अग्रसारित नहीं किये ,परन्तु कहा जा रहा है कि कुलपति ने इन्हें अधीक्षक बनाने के लिए उद्देश्य से आमंत्रित किए हैं। जिसे लेकर बी एच यू परिसर के चिकित्सको व प्रशासनिक अधिकारियों तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं में तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं।WhatsApp us