7 लाख के ब्याज विवाद में डेढ़ लाख की सुपारी देकर कराई हत्या” — चन्दौली पुलिस ने 24 घंटे में खोला ब्लाइंड मर्डर का राज

SHARE:

शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) जनपद चन्दौली में दिनदहाड़े हुई मनोज कुमार हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड के पीछे कोई पेशेवर गैंग नहीं, बल्कि मृतक का परिचित और रेलवे का लोको पायलट निकला, जिसने ब्याज के पैसे और निजी रंजिश के चलते डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर बिहार के शूटरों से हत्या कराई थी। पुलिस ने मामले में मुख्य साजिशकर्ता और एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे शूटर की तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि 6 जून को अलीनगर थाना क्षेत्र के टड़िया-पटपरा मार्ग पर मनोज कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर थी। न कोई चश्मदीद था और न ही मृतक का उस इलाके से कोई सीधा संबंध था। ऐसे में पुलिस के सामने हत्या का खुलासा करना बड़ी चुनौती माना जा रहा था।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्वयं मोर्चा संभाला और चकिया तिराहे स्थित पुलिस बूथ पर करीब 15 घंटे तक लगातार बैठकर पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की। अलीनगर पुलिस, सर्विलांस टीम और अन्य विशेष टीमों को जांच में लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक डायरी मिली, जिसमें ब्याज पर रुपये देने का हिसाब दर्ज था। वहीं सीसीटीवी फुटेज में यह सामने आया कि मृतक अकेले घटनास्थल तक नहीं गया था, बल्कि उसके साथ दूसरी साइकिल पर एक संदिग्ध व्यक्ति भी था। इसके पीछे एक मोटरसाइकिल भी चलती दिखाई दी। पुलिस ने जब मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी का मिलान किया तो संदेह रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह पर जाकर टिक गया। पुलिस पूछताछ में कृष्ण भगवान सिंह ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2020 में मृतक मनोज कुमार से तीन लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। समय के साथ यह रकम बढ़कर लगभग सात लाख रुपये हो गई थी। आरोपी के अनुसार मृतक लगातार रुपये के लिए दबाव बना रहा था और उसके घर आता-जाता था। आरोपी ने अपनी बहू के प्रति मृतक की कथित गलत नीयत का आरोप लगाते हुए मानसिक तनाव और आक्रोश में हत्या की साजिश रचने की बात कबूल की। पुलिस के मुताबिक कृष्ण भगवान सिंह ने बिहार के बक्सर निवासी भरत सिंह से संपर्क कर मनोज कुमार की हत्या की सुपारी दी। डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय हुआ। हत्या के लिए पिस्टल खरीदने हेतु करीब 45 हजार रुपये नकद दिए गए और बाकी रकम अलग-अलग तारीखों में जनसेवा केंद्र के माध्यम से ट्रांसफर की गई। योजना के तहत 6 जून को आरोपी ने एक मिठाई दुकान के कर्मचारी का मोबाइल लेकर मृतक को फोन किया और ब्याज की रकम देने के बहाने बुलाया। इसके बाद वह मनोज कुमार को साइकिल से सुनसान इलाके की ओर ले गया, जबकि पीछे से दोनों शूटर मोटरसाइकिल पर चलते रहे। पटपरा गांव के पास पहले से तय योजना के अनुसार शूटरों ने मनोज कुमार को गोली मार दी। पहली गोली सिर में लगी और दूसरी गोली सीने में मारी गई ताकि उसकी मौत सुनिश्चित हो सके। घटना के बाद दोनों शूटर बिहार की ओर फरार हो गए, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सामान्य दिखने के लिए अपनी रेलवे ड्यूटी पर चला गया। हालांकि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी और पूछताछ के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसी बीच पुलिस ने भोजपुर (बिहार) निवासी शूटर सूरज कुमार उर्फ राजेश को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जब उसे हथियार बरामदगी के लिए लेकर गई, तभी उसने झाड़ियों में छिपाई गई पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे घायल कर गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त .32 बोर पिस्टल, खोखा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। चन्दौली पुलिस की इस त्वरित और वैज्ञानिक जांच की सराहना करते हुए वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।यह मामला केवल एक हत्या का खुलासा नहीं, बल्कि यह भी दिखाता है कि आर्थिक लेन-देन, बढ़ता सूदखोरी विवाद और निजी रंजिश किस तरह गंभीर अपराधों को जन्म दे सकते हैं।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई