
FOLLOW US:
इस दौरान विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। नई सुविधाओं में ईएनटी वर्कस्टेशन, बी एंड के लेबोरेटरी, स्ट्रोबोस्कोपी यूनिट, सायलेंडोस्कोपी यूनिट, टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी, ओटो एकॉस्टिक एमिशन लैब और एएसएसआर लेबोरेटरी शामिल हैं। इनसे मरीजों की जांच, इलाज, सर्जिकल प्रशिक्षण और शोध कार्य को मजबूती मिलेगी। तथा ओएई और एएसएसआर लैब से नवजात शिशुओं में सुनने की समस्या का जल्दी पता चल सकेगा।
बी एंड के लेबोरेटरी से ईएनटी से जुड़ी बीमारियों की विशेष जांच होगी। स्ट्रोबोस्कोपी यूनिट से आवाज संबंधी जांच बेहतर होगी। सायलेंडोस्कोपी यूनिट से लार ग्रंथियों की पथरी का इलाज बिना बड़े चीरे के हो सकेगा। टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी में सर्जनों को कान की सर्जरी का उन्नत प्रशिक्षण मिलेगा। कार्यक्रम में निदेशक प्रो. एसएन संखवार, संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह, डॉ. रामेश्वर नाथ चौरसिया, प्रो. विश्वम्भर सिंह, डॉ. संजीव कुमार गुप्ता समेत छात्र, चिकित्सक और तकनीकी स्टाफ मौजूद रहा।WhatsApp us