डीडीयू: आरपीएफ के ऑपरेशन आहट में दो तस्करों के चंगुल से मजदूरी करने जा रहे पांच नाबालिग बचाए गए

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शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) डीडीयू जंक्शन पर आरपीएफ ने ऑपरेशन आहट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मानव तस्करों को गिरफ्तार कर उनके चंगुल से पांच नाबालिग बच्चों को छुड़ाया है। सभी बच्चों को बाल मजदूरी के लिए जयपुर ले जाया जा रहा था। मिली जानकारी के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में सीआईबी टीम एवं बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने 21 मई को संयुक्त कार्रवाई की। सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या सात पर सुबह पहुंचने पर पीछे के जनरल कोच से दो तस्करों को पांच नाबालिगों के साथ पकड़ा गया। गिरफ्तार तस्करों में छोटू मांझी उम्र 24 वर्ष निवासी बोधगया गया बिहार तथा अंगद कुमार उम्र 28 वर्ष निवासी कोसी हुसैनाबाद पलामू झारखंड शामिल हैं। काउंसलिंग में पता चला कि गया के तीन नाबालिग बच्चों को छोटू मांझी जयपुर में टाइल्स कंपनी में 12 घंटे मजदूरी के लिए ले जा रहा था। इसके एवज में 15000 रुपये महीना देने की बात कही गई थी। बच्चों और परिजनों ने कंपनी को पहले कभी नहीं देखा था। वहीं पलामू के दो नाबालिग अंगद कुमार के साथ जयपुर के पास जेसीबी मशीन पर हेल्पर का काम करने जा रहे थे। उन्हें ग्रीस भरने और सफाई के बदले 9000 रुपये महीना मिलना था। दोनों बच्चे पहले भी अंगद के साथ काम पर जा चुके थे। तस्कर बच्चों और परिजनों को रुपयों का लालच देकर अपने खर्चे पर टिकट और खाना देकर ले जा रहे थे।मामला बाल मजदूरी से जुड़ा होने पर BNSS धारा 105 के तहत वीडियो ग्राफी कराकर तस्करों को अपराध से अवगत कराते हुए हिरासत में लिया गया। सभी नाबालिगों को परिजनों तक पहुंचाने के लिए रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क डीडीयू को सौंप दिया गया। दोनों तस्करों को अग्रिम कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली के सुपुर्द किया गया है। इस अभियान में आरपीएफ उप निरीक्षक सरिता गुर्जर, राहुल कुमार राय, आरक्षी सत्येंद्र सिंह यादव, रामअवध, सीआईबी टीम के आरक्षी नरेंद्र सिंह, अवधेश प्रताप एवं बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता शामिल रहे।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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