चंदौली: सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूर्ण होने पर कमलापति त्रिपाठी महाविद्यालय में ‘सोमनाथ का महत्व’ विषय पर संगोष्ठी, छात्रों को बताया गया गौरवशाली इतिहास*

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प्राचार्या डॉ. सुकृति मिश्रा की अध्यक्षता में हुआ आयोजन, डॉ. रविकांत भारद्वाज ने चंद्रदेव से सरदार पटेल तक मंदिर के इतिहास पर डाला प्रकाश

शांति दूत न्यूज़. (उ.प्र.) चंदौली, 11 मई को भगवान सोमनाथ के आधुनिक मंदिर के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की श्रृंखला में सोमवार को पं. कमलापति त्रिपाठी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चंदौली में ‘सोमनाथ का महत्व’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शासन के आदेशानुसार आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुकृति मिश्रा ने की। कार्यक्रम में संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डॉ. रविकांत भारद्वाज ने सोमनाथ मंदिर के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्रों को बताया कि कैसे चंद्रदेव द्वारा स्थापित इस मंदिर को महमूद गजनवी ने विध्वंस किया और फिर प्राचीन भारतीय शासकों ने इसका बार-बार पुनर्निर्माण कराया। डॉ. भारद्वाज ने वर्तमान मंदिर के निर्माण में भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के संकल्प से सिद्धि तक की प्रेरक यात्रा को भी साझा किया। इसके बाद गृहविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. रीतू खरवार ने मंदिर निर्माण की विभिन्न शैलियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्या डॉ. सुकृति मिश्रा ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक महत्व पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को जानने एवं अपनाने की अपील की। इस अवसर पर  कन्हैयालाल भारती, अशोक यादव, डॉ. पवन गुप्ता, दिलशाद अंसारी मौजूद रहे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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