ऑपरेशन साइबर संग्राम का धमाका: बैंककर्मियों की मिलीभगत से 100 करोड़ की ठगी, में शामिल छह आरोपी गिरफ्तार”

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Shantidoot news जयपुर, अलवर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें बैंककर्मियों की सीधी संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने खुलासा किया कि यह गिरोह सैकड़ों करंट और कॉर्पोरेट खातों (जिन्हें म्यूल अकाउंट्स कहा जाता है) को मोटे कमीशन पर साइबर अपराधियों को बेचता था, जिनकी मदद से 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि थाना वैशाली नगर की टीम ने कार्यवाही को विस्तार देते हुए 4 बैंक कर्मचारियों और एक मास्टरमाइंड सहित कुल 6 नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक 16 अभियुक्तों को गिरफ्तार गया है। पुलिस जांच में पता चला कि इन खातों में अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध लेन-देन हुआ है। केवल एनसीआरपी पोर्टल पर ही इन खातों से संबंधित 4,000 से अधिक शिकायतें भी दर्ज हैं।गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड वरूण पटवा (40) निवासी उदयपुर हाल गुरुग्राम तथा सतीश कुमार जाट (35) हिसार निवासी शामिल हैं। इनके साथ एक्सिस बैंक हिसार में तैनात चार बैंककर्मी — साहिल अग्रवाल (33), गुलशन पंजाबी (33), आसु शर्मा (23) और आंचल जाट (24) को भी पकड़ा गया है।

इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के हिंदी समाचार पत्र जनसत्ता 
 के कार्यकारी संपादक मुकेश भारद्वाज की थ्रिल सस्पेंस से भरपूर जासूसी  उपन्यास माया ही मोक्ष है, अवश्य पढ़ें।

 

 

 


ऐसे चलता था साइबर फ्रॉड का खेल

  • बैंककर्मी फर्जी फर्मों के नाम और दस्तावेजों के आधार पर करंट अकाउंट खुलवाते थे।

  • इन्हें व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए साइबर ठगों को बेच दिया जाता था।

  • मोबाइल नंबर बदलकर, APK फाइल इंस्टॉल कराकर ओटीपी और इंटरनेट बैंकिंग की सीधी पहुंच ठगों को दे दी जाती थी।

  • इन खातों से बेटिंग, गेमिंग फ्रॉड और क्रिप्टो एक्सचेंज (जैसे Binance) के माध्यम से ठगी की रकम निकाली जाती थी।


भारी मात्रा में सामान बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ₹2.51 लाख नकद, लगभग ₹5 लाख की रकम 10 खातों में फ्रीज, 26 एटीएम कार्ड, 33 मोबाइल, 34 सिम कार्ड, 12 चेकबुक, 6 बैंक पासबुक, 12 साइनयुक्त चेक, आधार-पैन कार्ड, पहचान पत्र, मोहर, रसीद बुक और दो कारें जब्त की हैं। एसआईटी टीम, एएसपी कांबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस अब इस रैकेट के बाकी सदस्यों और इसके मुख्य संचालकों की तलाश में जुटी है।

 

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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