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बृजेश पर झारखंड सरकार और एनआईए की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मिली जानकारी के अनुसार, यूपी एटीएस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टीपीसी कमांडर बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर एटीएस टीम ने लंका मैदान के पास घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया। एटीएस के अनुसार, पुलिस टीम द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर बृजेश बाइक से कूद गया और टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद हुई जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी। गंभीर रूप से घायल बृजेश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान बृजेश की ओर से की गई फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। दोनों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के आधिकारिक रिकॉर्ड में गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ बृजेश गंझू को वांछित बताया गया है। NIA के रिकॉर्ड में उसके खिलाफ RC-06/2018/NIA/DLI और RC-22/2018/NIA/DLI का उल्लेख है तथा उसके नाम पर पांच लाख रुपये का इनाम दर्ज है।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार झारखंड सरकार ने बृजेश गंझू पर 25 लाख रुपये और NIA ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। वह झारखंड के चतरा जिले से संबंधित बताया गया है और टीपीसी के शीर्ष कमांडरों में शामिल था।
वाराणसी में हुई इस मुठभेड़ के बाद एटीएस और स्थानीय पुलिस की ओर से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने तथा बृजेश के वाराणसी पहुंचने और उसके साथ मौजूद व्यक्ति के संबंध में भी जांच की जा रही है।WhatsApp us