ट्रॉमा चिकित्सा के राष्ट्रीय मंच पर बीएचयू का परचम, डॉ. संजय यादव ने साझा किए आधुनिक इलाज के अनुभव

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शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) वाराणसी। 17 मई, देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में शामिल काशी हिंदूविश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। बीएचयू के अस्थि रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय यादव ने चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय ट्रॉमा सम्मेलन OTTSCON 2026 में संस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए आधुनिक ट्रॉमा चिकित्सा से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए होटल रेडिसन, चंडीगढ़ में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के वरिष्ठ ट्रॉमा विशेषज्ञों, चिकित्सकों और फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान जटिल ट्रॉमा मामलों के उपचार, नई सर्जिकल तकनीकों और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर व्यापक चर्चा हुई। डॉ. संजय यादव ने विशेष रूप से ह्यूमरस (भुजा की हड्डी) के नॉन-यूनियन यानी हड्डी न जुड़ने की गंभीर समस्या के उपचार पर अपने विचार रखे। इस सत्र में आधुनिक सर्जिकल तकनीकों, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धति और मरीजों के बेहतर परिणामों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।सम्मेलन में ट्रॉमा चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध और उपचार पद्धतियों के आदान-प्रदान को अत्यंत उपयोगी बताया गया। डॉ. यादव ने कहा कि सम्मेलन से प्राप्त ज्ञान और अनुभव आईएमएस बीएचयू में आने वाले ट्रॉमा मरीजों के बेहतर उपचार में सहायक सिद्ध होंगे। चिकित्सा जगत में बीएचयू की सक्रिय भागीदारी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की राष्ट्रीय स्तर पर मौजूदगी को संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक माना जा रहा है। डॉ. संजय यादव की सहभागिता ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बीएचयू चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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