गुरु की रचना में शिष्यों ने अर्पित की संगीत साधना, ‘रामरंग संगीत रामायण’ के नारद मोह प्रसंग ने मोहा मन

SHARE:

शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) वाराणसी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में संगीत मनीषी पंडित रामाश्रय झा ‘रामरंग’ की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित द्विदिवसीय रामरंग जयंती संगीत समारोह के दूसरे दिन उनके शिष्यों ने उनकी अमूल्य कृति ‘रामरंग संगीत रामायण’ के ‘नारद मोह प्रसंग’ की भावपूर्ण प्रस्तुति कर गुरु के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति अर्पित की। पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित इस संगीत समारोह में शास्त्रीय संगीत की विविध प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम का आयोजन रामरंग समिति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA), क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। ‘रामरंग संगीत रामायण’ के ‘नारद मोह प्रसंग’ का शुभारंभ राग श्री में निबद्ध ‘गुरु के पग पर यह धरिए ध्यान मन’ से हुआ। इसके बाद राग भूपाली में प्रस्तुत ‘राम वंदना मंगल करहुं द्रवहु मो’ ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। राग नट, सोहनी, पूर्वी, बसंत, बहार, तिलंग और खमाज में निबद्ध विभिन्न रचनाओं की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। प्रस्तुति में ईशान घोष, प्रणव शंकर, मोहित परौहा, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. श्रुति शक्ति, तेजस्विनी वर्णेकर, रूपाक्षा सहगल और बागीशा पांडे ने सहभागिता की। वाद्य संगति में डॉ. अभिनव नारायण आचार्य एवं आनंद मिश्रा ने तबला, सौमित्र क्षीरसागर ने हारमोनियम तथा पीयूष कुमार ने तबला संगति प्रदान की। प्रस्तुति के बाद सभी कलाकारों को संकाय एवं रामरंग समिति की ओर से अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

विदुषी अनुराधा कुबेर के ख्याल गायन ने बांधा समां

समारोह की दूसरी प्रस्तुति में पुणे से आईं प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका विदुषी अनुराधा कुबेर ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उन्होंने राग शुद्ध कल्याण में विलंबित एवं द्रुत ख्याल के बाद राग हेमंत में विलंबित एवं द्रुत ख्याल प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन राग भैरवी से हुआ। उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए संगीत एवं मंच कला संकाय की ओर से उन्हें ‘कौस्तुभ कला रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में पद्मश्री प्रो. ऋत्विक सान्याल, प्रो. संजय कुमार, विदुषी अनुराधा कुबेर, प्रो. शारदा वेलंकर, प्रो. रिचा कुमार, प्रो. प्रवीण उद्धव, पंडित किशन राम डोहकर, पंडित कुबेरनाथ, पंडित किशोर कुमार मिश्रा, डॉ. कुमार अंबरीश चंचल, ज्ञानेश चंद्र पांडेय, डॉ. श्वेता कुमारी एवं डॉ. ज्योति विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में संगीतविद्, कलाकार, शिक्षक एवं संगीतप्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रामरंग परिवार के श्री कृष्ण कुमार तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन रामरंग समिति के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. रामशंकर ने किया, जबकि संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन डॉ. वेणुगणिता ने किया।

इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के हिंदी समाचार पत्र जनसत्ता के कार्यकारी संपादक मुकेश भारद्वाज द्वारा लिखित पुस्तकों को अवश्य पढ़ें

समारोह ने गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई