शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) वाराणसी शैक्षणिक ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने सीनियर रेजिडेंट (एसआर) चयन प्रक्रिया में एक अभ्यर्थी का चयन रोक दिया है। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय शैक्षणिक अनियमितता के आरोपों के सामने आने के बाद लिया। सूत्रों के अनुसार, डॉ. सत्याम कुमार के विरुद्ध बेंगलुरु में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में कथित रूप से फर्जी शोध प्रस्तुति (Fraud Presentation) करने का मामला चयन प्रक्रिया के दौरान समिति के संज्ञान में आया। दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान इस प्रकरण की समीक्षा की गई, जिसके बाद चयन समिति ने उनका परिणाम रोकने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित है तथा किसी भी प्रकार की शैक्षणिक अनियमितता या गलत जानकारी को गंभीरता से लिया जाता है।बीएचयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक धोखाधड़ी, प्रमाणपत्रों में भ्रामक जानकारी अथवा फर्जी प्रस्तुति जैसे मामलों में विश्वविद्यालय की शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा बनी रहे। हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रकरण से संबंधित आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।