बीएचयू में जल्द शुरू होगा राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य केंद्र: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया निरीक्षण
Ashutosh Tiwari
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इस अवसर पर बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी तथा आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग के नोडल अधिकारी प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति, प्रत्येक तल की स्थिति तथा उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र का प्रारंभिक संचालन भूतल एवं प्रथम तल पर 52 बेड के साथ शुरू किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष फिनिशिंग कार्य तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।
वहीं HITES के मुख्य अभियंता के.सी. वर्मा ने जानकारी दी कि केंद्र 30 जून तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य योजना (NPHCE) के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित यह केंद्र वृद्धजनों के लिए समर्पित अत्याधुनिक मल्टीडिसिप्लिनरी संस्थान होगा। यहां जेरियाट्रिक मेडिसिन, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और सर्जरी सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होंगी। केंद्र में 120 सामान्य वार्ड बेडों के अलावा 38 क्रिटिकल केयर बेड, डायलिसिस यूनिट, डे-केयर सेंटर, प्री एवं पोस्ट ऑपरेटिव कक्ष, फिजियोथेरेपी यूनिट, स्लीप लैब, निजी कक्ष, रेडियो डायग्नोस्टिक सुविधाएं तथा मल्टीस्पेशियलिटी ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इससे वृद्ध मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र और समन्वित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इस दौरान प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री से बीएचयू के अलावा प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग स्थापित करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव का सकारात्मक स्वागत करते हुए राज्य में वृद्धजनों की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।मुख्यमंत्री का यह दौरा नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग के शीघ्र संचालन को लेकर राज्य सरकार और बीएचयू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य में यह केंद्र वृद्धजन स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा हैWhatsApp us