लक्ष्य तय करें, समय का सदुपयोग करें और असफलता से सीखें: विद्यार्थियों को पूर्व सैन्य अधिकारियों ने दिया सफलता का मंत्र

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शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.)चंदौली 17 अक्टूबर। जीवन में सफलता पाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और अनुशासन जरूरी है। छात्रों को संबोधित करते हुए पूर्व ब्रिगेडियर जी एल राय असफलता से घबराने के बजाय उसके कारणों को समझकर आगे बढ़ना चाहिए। यह संदेश भारतीय सेना के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों से प्रेरणा-संवाद के दौरान दिया। कार्यक्रम में चंदौली सदर क्षेत्र के हारुपुर गांव के निवासी पूर्व ब्रिगेडियर जी.एल. राय और उनके पुत्र सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल संजीव राय ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के व्यावहारिक सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए नियमित रूप से प्रयास करें।

(पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल संजीव राय)

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि सोने से पहले अगले दिन के कार्यों की योजना बनाएं और उसके अनुसार समय-सारिणी तैयार करें। समय का सही इस्तेमाल, पढ़ाई में निरंतरता और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना सफलता की राह आसान बनाता है। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय यह समझना चाहिए कि कमी कहां रह गई, ताकि अगली कोशिश में बेहतर परिणाम मिल सके। लेफ्टिनेंट जनरल संजीव राय ने भारतीय सेना में 37 वर्ष से अधिक की सेवा की। वह जून 1986 में सिख लाइट इन्फैंट्री में अधिकारी के रूप में शामिल हुए और अपने सैन्य जीवन में कई महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने इन्फैंट्री बटालियन, ब्रिगेड और डिवीजन स्तर पर कमान संभाली तथा सेना की चेतक कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग रहे। वह 31 दिसंबर 2023 को सेवानिवृत्त हुए। उनकी सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई सम्मान मिले। चंदौली के निवासी पूर्व ब्रिगेडियर जी.एल. राय उनके पिता हैं। इस परिवार का सैन्य सेवा से जुड़ाव स्थानीय विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का विषय रहा। दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि देशसेवा केवल सेना की वर्दी पहनकर ही नहीं की जाती। स्वच्छता बनाए रखना, जरूरतमंदों की सहायता करना, अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना और समाज के प्रति जिम्मेदार रहना भी राष्ट्रसेवा के ही रूप हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग करने, शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने और जीवन में अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी। उनके अनुसार, अच्छा चरित्र और जिम्मेदारी की भावना व्यक्ति को न केवल सफल बनाती है, बल्कि उसे समाज के लिए उपयोगी नागरिक भी बनाती है। विद्यालय के प्रबंधक एवं चंदौली ब्लॉक प्रमुख संजय कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान और उनके मार्गदर्शन का महत्त्व बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में अच्छी आदतों और नैतिक मूल्यों को स्थान देना चाहिए।

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