
FOLLOW US:
इसमें जटिल मामलों के उपचार, विकृतियों को ठीक करने की आधुनिक शल्य तकनीकों और इस क्षेत्र में विकसित हो रही नई उपचार पद्धतियों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 150 चिकित्सकों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी सम्मेलन के मुख्य अतिथि रहे। उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, सैफई के कुलपति प्रो. अजय सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन शंखवार ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष प्रो. अजीत सिंह, प्रोफेसर इंचार्ज, ट्रॉमा सेंटर एवं विभागाध्यक्ष, ऑर्थोपेडिक्स विभाग, आईएमएस-बीएचयू रहे।
आयोजन सचिव डॉ. शुभम श्रीवास्तव रहे। वाराणसी ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित सम्मेलन में एसोसिएशन के सचिव एवं आईएमएस-बीएचयू के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के फैकल्टी डॉ. संजय यादव ने आयोजन और शैक्षणिक समन्वय में भूमिका निभाई।
सम्मेलन में विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने बाल अस्थि रोगों के उपचार से जुड़े अपने अनुभव और नई तकनीकों की जानकारी साझा की। इससे चिकित्सकों, विशेषज्ञों और प्रशिक्षुओं को विकृति सुधार के क्षेत्र में नवीन उपचार पद्धतियों पर विचार-विमर्श का अवसर मिला।
WhatsApp us