चंदौली में साइबर ठगी के ‘म्यूल अकाउंट’ नेटवर्क का खुलासा, 16 राज्यों में फैले जाल से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

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शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) चंदौली जिले में थाना अलीनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में कथित रूप से शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर देश के विभिन्न राज्यों तक फैले ‘म्यूल अकाउंट’ नेटवर्क का खुलासा किया है।

आरोपियों को लेकर जाती पुलिस टीम

पुलिस के अनुसार, चिन्हित 17 म्यूल खातों से ही देश के 16 राज्यों में दर्ज 76 साइबर फ्रॉड शिकायतों का संबंध सामने आया है, जिनमें करीब 29 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के नवादा जिले के नीतीश कुमार और चंदौली के सकलडीहा कोट निवासी अमन शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 08 बैंक खाता विवरण, 05 पासबुक, एक चेकबुक, छह डेबिट कार्ड, छह सिम कार्ड, दो कूटरचित आधार कार्ड, तीन स्मार्टफोन और 650 रुपये नकद बरामद किए हैं।पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि बैंक दस्तावेजों और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के मिलान में दोनों आरोपियों से जुड़े खातों में 7,20,725 रुपये की साइबर ठगी का विवरण मिला है। इनमें नीतीश कुमार के पास से मिले आठ बैंक खाता दस्तावेजों से 3,97,477 रुपये तथा अमन शर्मा से मिले पांच बैंक खाता दस्तावेज और चेकबुक से 3,23,248 रुपये की साइबर धोखाधड़ी का विवरण सामने आया। जांच में इन खातों का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में लोन फ्रॉड, डिलीवरी फ्रॉड, फ्रेंचाइजी फ्रॉड और यूपीआई धोखाधड़ी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किए जाने की बात सामने आई है।पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से ऐसे कूटरचित आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिन पर उनकी तस्वीर लगी थी, लेकिन नाम और पता किसी अन्य व्यक्ति का दर्ज था। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे अपनी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए एडिट किए गए आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस का कहना है कि अमन शर्मा कथित तौर पर लोगों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड एकत्र करता था। इसके बाद नीतीश कुमार इन बैंकिंग दस्तावेजों को बिहार निवासी सोनू सिंह तक पहुंचाता था। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह कथित तौर पर बजाज फाइनेंस के नाम पर लोन दिलाने, Meesho डिलीवरी पार्सल भुगतान, फेसबुक विज्ञापन, पार्ट-टाइम नौकरी और निवेश के नाम पर लोगों को झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करता था। बरामद खातों में तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की साइबर शिकायतों से जुड़ी रकम का लेन-देन मिला है। पुलिस के अनुसार इस मामले में नेटवर्क के 100 से अधिक म्यूल अकाउंट की जांच की जा रही है, जबकि फिलहाल 17 खातों से संबंधित 76 शिकायतों की जानकारी सामने आई है। इस अंतर की विस्तृत जांच जारी है। साइबर अपराध के खिलाफ अभियान के तहत इससे पहले 10 अगस्त को थाना चंदौली पुलिस और साइबर टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से तीन पासबुक, तीन कूटरचित आधार कार्ड और एक स्मार्टफोन बरामद किया गया था। अब अलीनगर पुलिस की कार्रवाई के बाद इस नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की जांच और व्यापक होने की उम्मीद है। अलीनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों, विशेषकर बिहार निवासी सोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह, साइबर सेल के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, उपनिरीक्षक राजीव मल्ल, उपनिरीक्षक अमित सिंह सहित साइबर सेल, सर्विलांस सेल और अलीनगर थाना के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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