काशी से क्योटो तक बीएचयू की चिकित्सकीय प्रतिभा की गूंज, SICOT 2026 में हड्डी रोग विशेषज्ञ करेंगे शोध प्रस्तुत

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प्रो. अजीत सिंह, डॉ. शिवम सिन्हा, डॉ. संजय यादवअंतर्राष्ट्रीय मंच पर करेंगे बीएचयू का प्रतिनिधित्व

शांति दूत न्यूज़.वाराणसी,  काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के हड्डी रोग विभाग के चिकित्सक जापान के क्योटो में आयोजित होने वाले SICOT 2026 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में संस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। सम्मेलन में बीएचयू के विशेषज्ञ हड्डी एवं जोड़ रोग, आर्थोपेडिक सर्जरी तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों से जुड़े अपने शोध और चिकित्सकीय अनुभव अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच साझा करेंगे। सम्मेलन में प्रो. अजीत सिंह, डॉ. शिवम सिन्हा और डॉ. संजय यादव बीएचयू की ओर से भागीदारी करेंगे।

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चिकित्सकों द्वारा विभिन्न विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें हड्डी एवं जोड़ संबंधी उपचार, आर्थोपेडिक सर्जरी तथा आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने रखा जाएगा। बीएचयू के चिकित्सकों की SICOT जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भागीदारी को विश्वविद्यालय के साथ-साथ काशी की चिकित्सा शिक्षा और शोध परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। शोध-पत्रों की प्रस्तुति के माध्यम से बीएचयू के हड्डी रोग विभाग में हो रहे शोध एवं चिकित्सकीय कार्यों को वैश्विक विशेषज्ञों के बीच पहुंच मिलेगी।विभागीय सूत्रों के अनुसार, ऐसे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी से चिकित्सकों को दुनिया के विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के साथ ज्ञान एवं अनुभव साझा करने, शोध सहयोग विकसित करने तथा उपचार की नवीन तकनीकों को समझने का अवसर मिलता है।बीएचयू के विशेषज्ञों की अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भागीदारी युवा चिकित्सकों और शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी मानी जा रही है। इससे उन्हें वैश्विक स्तर पर हो रहे आर्थोपेडिक शोध और आधुनिक उपचार पद्धतियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। काशी की चिकित्सा परंपरा का क्योटो के वैश्विक मंच तक पहुंचना बीएचयू के अकादमिक और शोध योगदान को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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