अपनी मांगों को लेकर एड्स नियंत्रण कर्मचारियों का लखनऊ में होगा बड़ा आंदोलन 

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‘सफलता तक संघर्ष’ आंदोलन, 15 अक्टूबर को लखनऊ में होगा बड़ा प्रदर्शन

शांति दूत न्यूज़. (उ.प्र.)चंदौली,  उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर ‘सफलता तक संघर्ष’ आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार मांगों का 10 अक्टूबर तक समाधान नहीं होने पर कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन में चंदौली सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों के शामिल होने की सूचना है। इस संबंध में गुरुवार को जिला चिकित्सालय में कार्यरत जय नारायण सिंह,अरुण पाठक, संजय,विनय, सुधा,आफरीन, उपेन्द्र सिंह एवं अन्य कर्मचारियों ने बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल अमित कुमार सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन के तहत 5 से 11 अक्टूबर तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 12 से 14 अक्टूबर तक जिला चिकित्सालय, सीएचसी, पीएचसी और अन्य संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में ड्यूटी शुरू करने से पहले दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 15 अक्टूबर को सुबह नौ बजे लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो 16 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। संघ ने प्रदेश में HIV/AIDS से संबंधित सेवाओं के स्थगन का भी निर्णय लिया है। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही गई है। एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में कर्मचारियों का नियमितीकरण, होने तक अधिवर्षता आयु तक नौकरी की सुरक्षा, पिछले तीन वर्षों से लंबित 20 प्रतिशत अतिरिक्त मासिक पारिश्रमिक का भुगतान और 30 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस शामिल है। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में सेवा से हटाए गए कर्मचारियों के पुनः समायोजन, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित भर्ती में अतिरिक्त अंक और आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने की मांग की गई है। प्रदेश स्तर पर म्यूचुअल स्थानांतरण तथा परियोजना निदेशक की अनुमति के बिना कर्मचारियों की ड्यूटी में बदलाव नहीं करने की मांग भी शामिल है।संघ ने HIV/AIDS से प्रभावित सेवा-लाभार्थियों के लिए दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बिहार और दिल्ली की तर्ज पर मासिक पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही शाम चार बजे के बाद वर्चुअल मीटिंग, रिपोर्टिंग और कॉलिंग से संबंधित आदेश जारी नहीं करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि कर्मचारी वर्ष 2023 से अपनी मांगों के समाधान के लिए शासन और जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते आ रहे हैं। संघ के अनुसार मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से संपर्क, करीब एक हजार पत्रों के माध्यम से मांगों को भेजने तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मांगों को उठाने के बाद भी अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।संघ के अनुसार 20 सितंबर को लखनऊ के 1090 चौराहे पर प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री के ओएसडी से वार्ता हुई थी और 21 सितंबर को वार्ता की सहमति बनी थी। हालांकि संघ का दावा है कि 21 सितंबर को जनता दरबार में भी उनकी मांगों पर वार्ता नहीं हो सकी। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी ने ‘सफलता तक संघर्ष’ आंदोलन का निर्णय लिया।संघ अध्यक्ष पंकज कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री नरेंद्र कुमार ने प्रदेश के एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों से 15 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन पहुंचने की अपील की है।

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