कार्यक्रम में अपना वक्तव्य देते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी
शांति दूत न्यूज़. (उत्तर प्रदेश) वाराणसी,12 फरवरी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के काय चिकित्सा विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन ‘वात व्याधि’ एवं पूर्व छात्र सम्मेलन “काशी काय संगमम 2026” का भव्य शुभारंभ मंचकला संकाय स्थित पं. ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में संपन्न हुआ।
उद्घाटन सत्र में देशभर से आए प्रख्यात शिक्षाविदों, विशेषज्ञों एवं विशिष्ट पूर्व छात्रों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मेलन का उद्देश्य काय चिकित्सा के क्षेत्र में नवीन आयामों पर विमर्श को प्रोत्साहित करना, पूर्व छात्रों और वर्तमान शिक्षकों-विद्यार्थियों के मध्य अकादमिक एवं संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करना तथा आयुर्वेद की परंपरागत ज्ञानधारा को समकालीन वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समन्वित कर समाजोपयोगी एवं ग्रामीण स्वास्थ्य उन्मुख चिकित्सा प्रणाली को आगे बढ़ाना है।
मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व छात्र विश्वविद्यालय के “ब्रांड एंबेसडर” होते हैं और वे संस्थान के परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की श्रेष्ठ परंपराओं और उत्तम प्रथाओं को बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि बदलते समय में भी बीएचयू की पहचान और मूल्यों का संरक्षण आवश्यक है। कुलपति ने पूर्व छात्र सहभागिता को सुदृढ़ करने हेतु आचार्य प्रभारी (एलुमनाई अफेयर्स) की नियुक्ति और बेहतर संवाद व्यवस्था विकसित करने की दिशा में प्रयासों की जानकारी दी।





