“भगवन्नाम जप ही भवसागर से पार कराने वाली नाव है” — आचार्य विपुल कृष्ण

SHARE:

Shantidoot news उतर प्रदेश, चंदौली, 31 अक्टूबर
धर्म और सत्य के मार्ग पर चलकर, भगवन्नाम का जप एवं कीर्तन करने से मनुष्य सहज ही इस संसार रूपी भवसागर से पार उतर सकता है — यह उद्गार श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध भागवताचार्य आचार्य विपुल कृष्ण उपाध्याय ने बिसौरी ग्राम सभा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए। सदर विकास खण्ड के ग्राम बिसौरी स्थित मदन मोहन तिवारी के आवास पर बीते मंगलवार से चल रही भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के प्रथम दिवस आचार्य श्री ने कहा कि कलियुग में मनुष्य धर्म से विमुख होकर विषय-विकारों में फँसकर अपने मूल्यवान जीवन को नष्ट कर रहा है। जबकि अनगिनत योनियों में भटकने के बाद ही मनुष्य शरीर प्राप्त होता है। गर्भ में रहते हुए जीव ईश्वर से मुक्ति की प्रार्थना करता है, परंतु जन्म लेते ही सब भूल जाता है और माया के बंधन में फँस जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य थोड़ा सा प्रयास करे सत्य, अहिंसा, दया और धर्म का पालन करते हुए भगवन्नाम जप और कीर्तन में मन लगाए, तो वह बड़े ही सहज रूप से इस संसार-सागर से पार हो सकता है। भागवत कथा के दौरान आचार्य श्री ने गोकर्ण-आत्मदेव कथा, ध्रुव, प्रह्लाद और शबरी की अतुलनीय भक्ति का वर्णन करते हुए बताया कि जैसे इन भक्तों ने अटूट श्रद्धा से भगवान को प्राप्त किया, वैसे ही आज भी नाम-स्मरण और भक्ति से परमपद की प्राप्ति संभव है। उन्होंने कहा “भक्ति वही जो अंतःकरण को निर्मल करे, और श्रद्धा वही जो हर परिस्थिति में ईश्वर के प्रति अटूट बनी रहे।” गांव के सैकड़ों श्रद्धालु कथा का रसपान कर रहे हैं। शुक्रवार को कथा में कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई