बी एच यू ट्रामा सेंटर में तबादला के बाद छुट्टी से नहीं लौटे पूर्व इंचार्ज

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शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.)वाराणसी (बी एच यू)आईएमएस और ट्रॉमा सेंटर में प्रोफेसर इंचार्ज के बदलाव के बाद अस्पताल की प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व प्रोफेसर इंचार्ज के अवकाश पर जाने के बाद कुछ सेवाओं के संचालन को लेकर मरीजों और कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति की चर्चा है। हालांकि, पूरे मामले में संस्थान की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जानकारी के अनुसार, प्रो. अजीत सिंह को नया प्रोफेसर इंचार्ज बनाए जाने के बाद पूर्व प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. सौरभ सिंह के अवकाश पर चले जाने की बात सामने आई है। इसके बाद ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर पुनर्गठन की आवश्यकता महसूस हुई। सूत्रों के अनुसार, कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर भी कुछ सवाल उठे हैं। कार्यालय से जुड़े कुछ दस्तावेजों के उपलब्ध नहीं होने की चर्चा के बाद डीन स्तर पर आपात बैठक बुलाए जाने की जानकारी है। हालांकि, दस्तावेजों के संबंध में जांच की जा रही है। वहीं पूर्व इंचार्ज डॉ सौरभ सिंह जो कि लगभग 20 जुलाई से छुट्टी पर चल रहे हैं। उनके नहीं आने से ओपीडी तथा आपरेशन थियेटर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए डॉ. संजय यादव को एक बार फिर ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जाता है कि डॉ. संजय यादव पूर्व में सहायक प्रोफेसर के रूप में प्रोफेसर इंचार्ज के साथ कार्य कर चुके हैं और संस्थान की व्यवस्थाओं से परिचित हैं। नई व्यवस्था के बीच अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को सेवाओं के नियमित संचालन की उम्मीद है। मरीजों एवं उनके परिजनों का कहना है कि प्रशासनिक बदलाव का असर चिकित्सा सेवाओं पर नहीं पड़ना चाहिए और ओपीडी तथा ऑपरेशन से जुड़ी व्यवस्थाएं नियमित रूप से संचालित होती रहनी चाहिए। पूर्व प्रोफेसर इंचार्ज के अवकाश पर जाने और कार्यभार हस्तांतरण से संबंधित विभिन्न चर्चाओं के बीच संस्थान की आधिकारिक स्थिति का इंतजार किया जा रहा है। ट्रामा सेंटर के इंचार्ज प्रो अजीत सिंह ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत चिकित्सा सेवाओं को सुचारू बनाए रखना प्राथमिकता बनी हुई है। तथा प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी मरीज़ को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना न पड़े।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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