बड़ी खबर… सरेंडर के बाद भरत भूषण तिवारी पर गोली चलाने वला एस टी एफ का आरोपी गिरफतार

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शांति दूत न्यूज़. (बिहार) भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ प्रकरण ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। मामले में पहली गोली चलाने के आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान पहली गोली चलाने के आरोपी एसटीएफ जवान को गिरफ्तार किया गया है। बताया गया कि वह लंबे समय से जांच में सहयोग नहीं कर रहा था तथा न्यायिक आयोग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।

अपने असलहे को फेंक कर खुद को सरेंडर किए भरत भूषण तिवारी

इस बीच, घटना से पहले भरत भूषण तिवारी द्वारा किए गए फेसबुक लाइव वीडियो भी चर्चा के केंद्र में हैं। वीडियो में वह बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को उठाते दिखाई देते हैं। साथ ही उन्होंने कथित तौर पर यह आशंका भी व्यक्त की थी कि उनका एनकाउंटर किया जा सकता है। यही वीडियो अब जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल माना जा रहा है। परिजनों की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि लोगों की समस्याओं को रखने के बाद भरत भूषण तिवारी ने अपनी पिस्टल जमीन पर फेंककर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बावजूद उनके साथ बल प्रयोग किया गया और गोली चलाई गई। आरोप है कि पहले ही मौत हो चुकी थी। लेकिन पुलिस द्वारा उपचार के दौरान मृत्यु होने की बात कही गई इन आरोपों की जांच न्यायिक आयोग और संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। मृतक की मां के बयान के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और अन्य कर्मियों को नामजद किया गया है। वहीं, भरत तिवारी के भाई का भी दावा है कि उन्होंने पहली गोली चलाने वाले जवान को देखा था। इसी क्रम में आरोपी एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि विडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि भरत भूषण तिवारी अपने हाथ में लिए असलहे को फेंक कर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। तथा पुलिस के कई जवान दौड़कर आते हैं और उसे पकड़ कर गाड़ी में ले जाते हैं। फिर इतने पुलिस कर्मियों से घिरे भरत भूषण तिवारी कैसे उनके ऊपर फायरिंग करते हैं। इन तमाम बातों को लेकर मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच और कानून के शासन को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सभी की निगाहें न्यायिक आयोग की रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं। भरत भूषण तिवारी के परिजनों का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी से हम लोग संतुष्ट नहीं हैं।

 

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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