सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों के फाइलें ले जाने का दावा; जेईएम पोर्टल से खरीद को लेकर भी उठे सवाल
शांति दूत न्यूज़.(उ.प्र.) वाराणसी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर से महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने के मामले ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना सामने आने के बाद बीएचयू प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करते हुए उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने की बात कही है।बताया जा रहा है कि ट्रॉमा सेंटर से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें गायब होने की जानकारी सामने आई। मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में चार से पांच संदिग्ध लोगों के सूटकेस लेकर जाते हुए दिखाई देने की बात कही जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं सूटकेसों के माध्यम से महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें बाहर ले जाई गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएचयू प्रशासन ने सुरक्षा विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।सूत्रों के अनुसार, मामले में आईएमएस निदेशक की ओर से मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रोफेसर इंचार्ज बदलते ही जेईएम पोर्टल से खरीद को लेकर विवाद
इसी बीच ट्रॉमा सेंटर में प्रोफेसर इंचार्ज बदले जाने के बाद सरकारी जेईएम पोर्टल के माध्यम से चिकित्सकीय उपकरणों और अन्य सामान की खरीद को लेकर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर के तत्कालीन प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. सौरभ सिंह पर पद से हटाए जाने वाले दिन ही सरकारी जेईएम पोर्टल के माध्यम से खरीद का आदेश देने का आरोप लगा है। इस बारे में पूछे जाने पर नये प्रभारी डॉ अजित सिंह ने बताया कि ऐसा प्रकरण सामने आया है तथा खरीद के लिए दिये गये सभी आदेशों को निरस्त किया जायेगा।विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य का परीक्षण किया जाएगा। वहीं घटना के बाद बीएचयू की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि हॉस्टल से दो बड़े सूटकेस लेकर बाहर निकलते हुए कुछ लोगों को सीसीटीवी कैमरों में देखा गया है। आशंका है कि महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें इन्हीं के जरिए बाहर ले जाई गईं। आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन शंखवार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में तीन से चार लोग दिखाई दे रहे हैं। मामले की जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।