“समय पर सही सीपीआर से बच सकती हैं कई जिंदगियां”: प्रो. एस.एन. शंखवार
Ashutosh Tiwari
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कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली सीपीआर एवं अन्य आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर ‘सीपीआर रेडी इंडिया’ अभियान को गति देना था। यह पहल बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की परिकल्पना और मार्गदर्शन में संचालित जीवनरक्षक कौशल प्रशिक्षण अभियान का हिस्सा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. (डॉ.) एसएन शंखवार ने कहा कि समय पर और सही तकनीक से दी गई सीपीआर कई बहुमूल्य जीवन बचा सकती है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान का उपयोग आवश्यकता पड़ने पर समाज सेवा और मानव जीवन की रक्षा के लिए करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के करीब 35 सुरक्षा कर्मियों, आईएमएस-बीएचयू के अंतिम वर्ष के लगभग 100 एमबीबीएस विद्यार्थियों तथा फिजियोथेरेपी के 15 विद्यार्थियों सहित करीब 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इनमें लगभग 35 महिला प्रतिभागी भी शामिल रहीं।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को हृदयाघात, स्ट्रोक, बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सड़क दुर्घटना, श्वासावरोध और अन्य चिकित्सकीय आपात स्थितियों की पहचान एवं प्रारंभिक प्रबंधन की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली सीपीआर, एयरवे प्रबंधन और रिकवरी पोजीशन जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का आधुनिक मैनिकिन पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। जनरल सर्जरी विभाग के प्रो. डॉ. शशि प्रकाश मिश्रा, एनेस्थीसिया विभाग की प्रो. डॉ. मंजरी मिश्रा तथा जनरल सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य एवं एसएसएच-आईएमएस-बीएचयू के प्रॉक्टर डॉ. प्रखर जायसवाल ने विशेषज्ञ प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया।कार्यक्रम का समन्वयन बीएचयू के मुख्य प्रॉक्टर डॉ. संदीप पोखरिया एवं प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) संजय गुप्ता, सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) पुनीत तथा ट्रॉमा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. (डॉ.) अजीत सिंह का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।विशेषज्ञों ने बताया कि हृदयाघात या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय आसपास मौजूद व्यक्ति यदि सही तकनीक से सीपीआर देना जानता हो, तो मरीज के जीवन बचने की संभावना काफी बढ़ सकती है। इसी उद्देश्य से बीएचयू में विभिन्न वर्गों के लोगों को नियमित रूप से जीवनरक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।WhatsApp us