“रामनाथ गोयनका व्याख्यान में पीएम मोदी ने कहा भारत अब केवल उभरता बाज़ार नहीं, उभरता विकास मॉडल है”

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Shantidoot news नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन एक्सप्रेस समूह द्वारा आयोजित छठे रामनाथ गोयनका व्याख्यान में हिस्सा लेते हुए समूह के संस्थापक रामनाथ गोयनका को नमन किया और उन्हें भारतीय लोकतंत्र, निष्पक्ष पत्रकारिता और जनआंदोलनों की आवाज़ को मज़बूती देने वाला साहसी व्यक्तित्व बताया।

इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के चेयरमैन विवेक गोयनका जी

प्रधानमंत्री ने कहा कि “रामनाथ जी ने हमेशा सत्य का साथ दिया और कर्तव्य को सर्वोपरि रखा। उनके बारे में कहा जाता था कि वे बहुत अधीर स्वभाव के थे, लेकिन यह अधीरता नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक थी — वही अधीरता जो बदलाव के लिए कठोर परिश्रम की पराकाष्ठा कराती है, वही अधीरता जो ठहरे हुए पानी में भी हलचल पैदा कर देती है। आज का भारत भी विकसित होने और आत्मनिर्भर बनने के लिए इसी तरह अधीर है। भारत की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत केवल एक “उभरता हुआ बाज़ार” नहीं, बल्कि दुनिया के लिए “उभरता हुआ विकास मॉडल” बन चुका है।

उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय अब भारतीय विकास मॉडल को आशा और भरोसे के प्रतीक के रूप में देख रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव के हाल के परिणामों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 14 नवम्बर को आए नतीजों के साथ एक महत्वपूर्ण संदेश भी सामने आया है कि लोकतंत्र में जनता की बढ़ती भागीदारी को कोई नज़र अंदाज़ नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि इस बार बिहार के इतिहास में सर्वाधिक मतदान हुआ और महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से लगभग नौ प्रतिशत अधिक रहा, जिसे उन्होंने लोकतंत्र की सच्ची विजय बताया। प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा कि देश में जहाँ भी सरकारें हैं — चाहे केंद्र की हों या किसी भी विचारधारा वाली राज्य सरकारें — उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता केवल और केवल “विकास” होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश के नागरिक उन दलों पर भरोसा करते हैं जो ईमानदारी से काम करते हैं और विकास को अपना मुख्य ध्येय बनाते हैं। भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं के योगदान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं ने अपने पसीने से और कई कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति देकर संगठन की जड़ों को मज़बूत किया है। ऐसी पार्टी के लिए केवल चुनाव जीतना ही लक्ष्य नहीं होता, बल्कि जनसेवा के माध्यम से लोगों का दिल जीतना उसका असली उद्देश्य होता है। विकास और सामाजिक न्याय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ दलितों, वंचितों, पीड़ितों और शोषितों तक वास्तविक रूप से पहुँचता है, तभी सच्चा सामाजिक न्याय स्थापित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दशकों में कुछ दलों और परिवारों ने “सामाजिक न्याय” के नाम पर केवल अपना ही स्वार्थ साधा है, जबकि आज देश सामाजिक न्याय को ज़मीन पर उतरते हुए देख रहा है। कांग्रेस पर तेज़ हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इस पार्टी ने माओवादी हिंसा को वर्षों तक संरक्षण दिया और नक्सल विचारधारा को दूर-दराज़ के इलाक़ों के साथ-साथ बड़े शहरों तक में फैलने दिया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में शहरी नक्सलवादियों ने पार्टी के भीतर मज़बूती से जड़ें जमा लीं और अब उन्होंने कांग्रेस को ऐसी दिशा में धकेल दिया है जो राष्ट्रीय हितों के विपरीत है। कार्यक्रम में इंडियन एक्सप्रेस समूह के अध्यक्ष विवेक गोयनका ने कहा कि रामनाथ गोयनका व्याख्यान केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सच बोलने, जवाबदेही निभाने और विचारों की शक्ति पर विश्वास रखने की परंपरा के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया में शक्ति संतुलन बदल रहा है और अनिश्चितता बढ़ रही है, ऐसे समय में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री के विचार सुनना और उन्हें परखना और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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