Shantidootnews उतर प्रदेश,वाराणसी काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अस्थि रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय यादव कॉम्प्लेक्स स्पाइन फेलोशिप पूरा कर देश वापस लौट आए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के हिंदी समाचार पत्र जनसत्ता के कार्यकारी संपादक मुकेश भारद्वाज द्वारा लिखी गई रहस्य रोमांच से भरपूर जासूसी उपन्यास
चार हफ्तों की इस गहन प्रशिक्षण अवधि के दौरान उन्होंने स्पाइन सर्जरी के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ प्रोफेसर क्लाउडियो लामार्टिना और प्रोफेसर पेड्रो बर्जानो से आधुनिक तकनीकों व नवीनतम उपचार पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। डॉ. संजय यादव अब बीएचयू में स्पाइन डिफॉर्मिटी (रीढ़ विकृति) के उपचार के लिए एक विशेष क्लिनिक शुरू करने जा रहे हैं, जिसका लक्ष्य जटिल स्पाइन समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को बेहतर, सुलभ और समग्र उपचार उपलब्ध कराना है। उनका कहना है कि इस पहल से ऐसे मरीजों को दूसरे बड़े शहरों में जाने की मजबूरी से काफी हद तक राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक उन्नत इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता था। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित स्पाइन डिफॉर्मिटी क्लिनिक में गंभीर व जटिल मामलों की समयबद्ध जांच, निदान और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यहां रीढ़ से जुड़ी समस्याओं की आधुनिक जांच तकनीकें और बहु-विषयक परामर्श (मल्टी डिसिप्लिनरी अप्रोच) को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर समग्र उपचार मिल सके। डॉ. संजय का मानना है कि यह क्लिनिक न केवल मरीजों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि युवा चिकित्सकों के लिए भी उन्नत प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा। वे यहां ट्रेनिंग के माध्यम से नई पीढ़ी के डॉक्टरों को स्पाइन सर्जरी और स्पाइन डिफॉर्मिटी प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना चाहते हैं। फेलोशिप से वापसी पर उन्होंने अपने सभी वरिष्ठों, सहयोगियों और संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त अनुभव को अब स्थानीय मरीजों की सेवा में समर्पित करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रस्तावित स्पाइन डिफॉर्मिटी क्लिनिक की स्थापना से पूर्वांचल ही नहीं, पूरे पूर्वी भारत के मरीजों को उच्चस्तरीय स्पाइन उपचार की नई सुविधा मिलने के साथ ही यह चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।