शांति दूत न्यूज़.(उ. प्र.) चंदौली, प्रो वरदान वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा महिला स्वास्थ्य से संबंधित एक प्रेरणादायक वेलनेस अनुभव हाल ही में सामने आया है। संबंधित महिला ने बताया कि वह पिछले लगभग दस वर्षों से मातृत्व की कामना को लेकर निरंतर प्रयासरत थी, लेकिन अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण मानसिक और भावनात्मक रूप से निराश हो चुकी थी। महिला के अनुसार, इस दौरान उसने देश के कई बड़े शहरों में विशेषज्ञों से परामर्श लिया। यहाँ तक कि वह चेन्नई तक भी गई, जहाँ विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए, किंतु स्वास्थ्य में कोई संतोषजनक सुधार महसूस नहीं हुआ। लगातार असफलताओं के कारण वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी। इसी क्रम में महिला को प्रो वरदान वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के बारे में जानकारी मिली। वहाँ पहुँचकर उसने अपनी पूर्व चिकित्सकीय जाँच रिपोर्ट, जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ साझा कीं। केंद्र की ओर से आयुर्वेदिक वेलनेस सिद्धांतों के अनुरूप जीवनशैली, आहार संतुलन एवं वेलनेस उत्पादों से संबंधित मार्गदर्शन प्रदान किया गया।महिला ने बताया कि नियमित रूप से वेलनेस गाइडलाइन का पालन करने और समय-समय पर चिकित्सकीय जाँच कराने के बाद उसने अपने स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन महसूस किया। आगे की चिकित्सकीय जाँच में गर्भावस्था की पुष्टि होने पर परिवार में खुशी का माहौल बन गया। इस संबंध में प्रो वरदान वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं होलिस्टिक हेल्थ एक्सपर्ट जयशंकर अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि केंद्र का उद्देश्य किसी भी प्रकार का चिकित्सीय उपचार या दावा करना नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रो वरदान वेलनेस में आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर जीवनशैली संतुलन और वेलनेस सहयोग पर कार्य किया जाता है। श्री अग्रवाल के अनुसार, “हमारा उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। आयुर्वेदिक वेलनेस मार्गदर्शन के माध्यम से शरीर को सहयोग दिया जाता है, जबकि चिकित्सीय निदान एवं उपचार का निर्णय पंजीकृत चिकित्सक द्वारा ही किया जाना चाहिए।”उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक स्थिति भिन्न होती है और वेलनेस से जुड़े परिणाम व्यक्ति विशेष पर निर्भर करते हैं। यह अनुभव आयुर्वेद, संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक सोच के महत्व को दर्शाता है, जिससे क्षेत्र में आयुर्वेदिक वेलनेस के प्रति लोगों का विश्वास निरंतर बढ़ रहा है।