शांति दूत न्यूज़.(उत्तर प्रदेश) यूजीसी एक्ट को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में सवर्ण समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया।
बड़ी संख्या में जुटे सवर्ण समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद भाजपा कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी किए प्रदर्शनकारियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह से मुलाकात कर यूजीसी एक्ट को तत्काल वापस लेने के लिए हस्तक्षेप की मांग की।
इस दौरान बिल के विरोध में जिलाध्यक्ष से इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्र व राज्य सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को देशव्यापी रूप दिया जाएगा।
आंदोलन के तहत महापंचायतों के आयोजन, विशेष अभियानों के जरिए गांव-गांव जन जागरूकता फैलाने और सभी वर्गों को एकजुट करने की रणनीति की घोषणा की गई। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर उसे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर कार्य करती है और यूजीसी एक्ट को लेकर भी सभी वर्गों के हितों का संतुलन बनाए रखा जाएगा।वहीं चकिया तहसील में अधिवक्ताओं ने भी खुलकर इस कानून का विरोध करते हुए राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी दिया।