(कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बी एच यू के कुलपति प्रो0 अजीत कुमार चतुर्वेदी)
विशेष समाचार
शांति दूत न्यूज़.वाराणसी, 10 दिसंबर 2025। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बी एच यू) 12 दिसंबर को अपने 105वें दीक्षांत समारोह के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस प्रतिष्ठित समारोह में कुल 13,650 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी, जो विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रहा है। इस बार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य एवं प्रख्यात रक्षा वैज्ञानिक डॉ. वी.के. सारस्वत होंगे, जिनके मार्गदर्शन में भारत के कई स्वदेशी रक्षा कार्यक्रमों ने नई उंचाइयां हासिल की हैं।

मुख्य समारोह स्वतंत्रता भवन में 12 दिसंबर को प्रातः 11 बजे शुरू होगा। दीक्षांत समारोह की तैयारियों और इसकी विशेषताओं की जानकारी कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने प्रेस वार्ता में साझा की।
दीक्षांत की विशेषताएँ
इस वर्ष मंच से 29 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें—2 चांसलर पदक तथा 2 स्वर्गीय महाराजा विभूति नारायण सिंह स्वर्ण पदक एवं 29 बीएचयू पदक शामिल हैं। कुलपति ने कहा कि दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन का वह गौरवपूर्ण क्षण है, जहाँ उनके वर्षों के परिश्रम का सम्मान होता है और एक नए सफर की शुरुआत होती है। उन्होंने इसे “चरित्र निर्माण और सामुदायिक भावना का उत्सव” बताया।कुलपति ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपील की कि वे विश्वविद्यालय के आधिकारिक पुराछात्र पोर्टल से जुड़कर बीएचयू परिवार का हिस्सा बने रहें। 12–14 दिसंबर तक विभागीय उपाधि वितरण समारोह मुख्य समारोह के बाद 12 से 14 दिसंबर तक विभिन्न संकायों और संस्थानों में उपाधि वितरण कार्यक्रम आयोजित होंगे, जहाँ विशिष्ट शिक्षाविद् और अतिथि विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। दोपहर 12 बजे तक 11,000 से अधिक विद्यार्थियों ने उपाधि ग्रहण करने हेतु अपनी सहमति दर्ज कर दी है।
कुल उपाधियों का विस्तृत विवरण
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7,449 — स्नातक
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5,484 — स्नातकोत्तर
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712 — पीएचडी
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4 — एम.फिल
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1 — डॉक्टर ऑफ साइंस (चिकित्सा संकाय)
कुल 554 पदक इस वर्ष प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद ने सभी पुरस्कारों और उपाधियों को स्वीकृति दे दी है।
मुख्य अतिथि की उपलब्धियाँ
डॉ. वी.के. सारस्वत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के पूर्व प्रमुख रहे हैं। उन्हें—
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बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम,
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स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम,
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सुपरकंप्यूटिंग,
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माइक्रोप्रोसेसर विकास,
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मेथनॉल अर्थव्यवस्था
जैसे राष्ट्रीय परियोजनाओं में उनके योगदान के लिए जाना जाता है।
वे पद्मश्री और पद्मभूषण से भी सम्मानित हैं।
समारोह का लाइव प्रसारण
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण—
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बीएचयू वेबसाइट
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विश्वविद्यालय के आधिकारिक YouTube चैनल (@bhusocialmedia)
पर भी उपलब्ध रहेगा।




