शांति दूत न्यूज़. उत्तर प्रदेश, वाराणसी, 25 नवम्बर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय प्रशासन ने शोध पर्यवेक्षण व्यवस्था को लेकर अहम कदम उठाते हुए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के डॉ. सौरभ सिंह को पीएचडी शोध सुपरवाइजर (गाइड) के पद से हटा दिया है। उनकी जगह हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजीत सिंह को नया शोध पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। यह फैसला शिक्षक शिकायत प्रकोष्ठ की बैठक के बाद लिया गया, जिसमें पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, शिकायत प्रकोष्ठ के संज्ञान में यह मामला तब आया, जब डॉ. संजय यादव की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डॉ. सौरभ सिंह अनावश्यक पत्राचार के माध्यम से उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। बैठक के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और पक्षों की दलीलों को परखने के बाद शिकायत प्रकोष्ठ ने यह राय बनायी कि ऐसे व्यवहार की स्थिति में डॉ. सौरभ सिंह का पीएचडी गाइड के पद पर बने रहना उचित नहीं है। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें शोध सुपरवाइजर पद से हटाने और उनकी जगह हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजीत सिंह को नया पीएचडी गाइड नियुक्त करने का निर्णय लिया।विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम संस्थान में बेहतर शैक्षणिक माहौल, शोध कार्यों की गंभीरता और शिक्षक–शोधार्थी संबंधों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश है। प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि ऐसे फैसलों के माध्यम से विश्वविद्यालय यह स्पष्ट करना चाहता है कि किसी भी प्रकार के अनावश्यक दबाव, उत्पीड़न या अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शोध कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोपरि रखा जाएगा।