‘अनेकता में एकता’ के रंगों से सजी काशी: काशी तमिल संगमम 4.0 के तहत बीएचयू में पोस्टर प्रतियोगिता, 150 से अधिक छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता

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शांति दूत न्यूज़. उत्तर प्रदेश, वाराणसी, 24 नवम्बर काशी तमिल संगमम 4.0 के तहत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में रविवार को दृश्यकला पूर्व समारोह के अंतर्गत भव्य पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन ने काशी और तमिलनाडु की सांस्कृतिक एकात्मता को कैनवास पर सजीव रूप दिया। इस प्रतियोगिता में 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का विषय था – “अनेकता में एकता”, जो काशी तमिल संगमम 4.0 का भी मूल संदेश है। ज्ञात हो कि यह संगमम आगामी 2 दिसम्बर से 15 दिसम्बर 2025 तक नमो घाट, वाराणसी पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें तमिलनाडु और काशी के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और शैक्षिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। प्रतियोगिता में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के दृश्यकला संकाय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग, धीरेन्द्र महिला पी.जी. कॉलेज और जीवनदीप पी.जी. कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पोस्टरों के माध्यम से प्रतिभागियों ने काशी और तमिलनाडु के बीच पिछले तीन वर्षों में मजबूत होते सांस्कृतिक रिश्तों, परंपराओं, भाषा, संगीत, भक्ति और आध्यात्मिक विरासत को रचनात्मक ढंग से उकेरा। कार्यक्रम के दौरान बीएचयू के मौसिकी संगीत समूह के छात्रों ने भक्तिमय प्रस्तुतियाँ देकर वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक व सुरम्य बना दिया। भजन और शास्त्रीय धुनों के बीच रंगों और रेखाओं से सजे पोस्टरों ने परिसर को सांस्कृतिक संगम की अनुभूति से भर दिया।कार्यक्रम की जानकारी नोडल अधिकारी प्रोफेसर अंचल श्रीवास्तव ने दी। आयोजन के संयोजक प्रोफेसर मनीष अरोरा, सह-संयोजक सुश्री सृष्टि प्रजापति और समन्वयक श्री कृष्णा सिंह रहे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में व्यवहारिक कला विभाग के डॉ. आशीष कुमार गुप्ता और चित्रकला विभाग के डॉ. महेश सिंह शामिल थे, जिन्होंने प्रतिभागियों की कलात्मक अभिव्यक्ति और विषय की समझ की सराहना की। कार्यक्रम श्रृंखला के अगले चरण के रूप में कल 25 नवम्बर 2025 को अस्सी घाट पर प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। काशी तमिल संगमम 4.0 के तहत हो रहे ये आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को पुष्ट करते हुए कला के माध्यम से देश की सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश दे रहे हैं।

Ashutosh Tiwari
Author: Ashutosh Tiwari

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