शांति दूत न्यूज़, उतर प्रदेश, आशा कार्यकर्ताओं के चयन प्रक्रिया में धांधली की चर्चा प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में चला रही है। मामले की जांच भी करने के फरमान जारी होते हैं, लेकिन मात्र खाना पूर्ति ही की जा रही है। ऐसा ही मामला चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखण्ड के अन्तर्गत ग्राम सभा बरांव का सामने आया है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी लाल बाबू शर्मा द्वारा आशा कार्यकर्ताओं का चयन बिना किसी सूचना के ग्राम प्रधान की मिली भगत से पैसे की बदौलत अपने लोगों को चयनित कराया गया है। ऐसी वारदात एक ही गांव में नहीं बल्कि शहाबगंज के अन्य गांवों में भी बताई जा रही है। बरांव गांव की अभ्यर्थी महिलाओं ने आरोप लगाते हुए चिकित्सा प्रभारी को एक पत्र देते हुए उक्त चयन को तत्काल रद्द करते हुए गांव के सभी लोगों कों सूचित करने के बाद बैठक बुलाकर सबकी शैक्षिक योग्यता का प्रमाण पत्र देखने के बाद चयन करने की मांग की कुमारी संगीता, ज्योति गुप्ता, उषा देवी, मैरुन निशा, मंजू देवी ने कहा कि हम लोगों की शैक्षिक योग्यता चयनित लोगों से अधिक है। तथा आर्थिक रुप से भी हम लोगों की स्थिति ठीक नहीं है और हम सभी पात्रता की श्रेणी में आते हैं। लेकिन बिना सूचना के गुपचुप तरीके से यह चयन किया गया है। जो कि सर्वथा गलत तथा सरकार की मंशा एवं नितियों के विरुद्ध किया गया है। यदि इसे रद्द करते हुए पुनः इमानदारी से चयन नहीं किया गया तो हम सभी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।