शांति दूत न्यूज़, गुजरात लंबे समय से जेल में सजा काट रहे संत आशाराम बापू के पुत्र श्री नारायण साईं की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार को उन्हें अपनी मां से मिलने के लिए पांच दिन की अंतरिम जमानत मंजूर किया है। बता दें कि यौन अपराध के मामले में सांई 2013 से गुजरात की जेल में बंद हैं। वहीं उनके पिता संत श्री आशारामजी बापू को भी इसी प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जो कि जोधपुर जेल में बंद हैं। बता दें कि नारायण साई द्वारा अपनी मां की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए मां से मिलने के लिए जमानत की अर्जी 12 सितंबर को दाखिल की गई थी। नारायण साईं के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्र की दलील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ईलेश वोरा तथा जस्टिस पी एम रावत की खंडपीठ ने नारायण साईं को अपनी मता जी से मिलने के लिए पांच दिन की अंतरिम जमानत मंजूर किया है। वहीं संत आशाराम बापू से जुड़े देश, विदेश के शिष्यों द्वारा आशाराम बापू तथा नारायण साईं को झूठा फंसाने की बात सोशल मीडिया पर लगातार देखने को मिलती है।